अपर मुख्य सचिव का संदेश

मो0 इफ्तेखारूद्दीन
अपर मुख्य सचिव,
खेल एवं युवा कल्याण विभाग
उत्त र प्रदेश
कार्यालय : 0522-2239768



प्रदेश के खेलों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से खेल विभाग द्वारा खेल अवस्थापना विकास, प्रतियोगिता, प्रशिक्षण एवं छात्रावास जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही है। विभाग में तैनात अधिकारियों के अतिरिक्त अंशकालिक प्रशिक्षकों के माध्यम से प्रदेश के समस्त स्टेडियम में प्रशिक्षण शिविर संचालित किए जा रहे है।

अल्प आयु से ही बालक/बालिकाओं को प्रशिक्षण की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा 19 जनपदों में 16 खेलों में 44 छात्रावास तथा लखनऊ, गोरखपुर व सैफई (इटावा) में स्पोर्ट्स कालेज की स्थापना की गयी है। जहां खेल प्रशिक्षण के साथ अध्ययन की भी सुविधा है।

राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के उद्देश्य से कम आयु से ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने हेतु स्पोर्ट्स कालेज की स्थापना की गई है। इस क्रम में प्रदेश में 03 स्पोर्ट्स कालेज गुरू गोविन्द सिंह स्पोर्ट्स कालेज, लखनऊ, वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कालेज, गोरखपुर एवं सैफई (इटावा) में संचालित है। जिसमें कक्षा-06 से कुशल खिलाड़ी बनने का अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो रहे है। खिलाड़ियों को आवासीय सुविधा, भोजन, शिक्षा, चिकित्सा, खेल किट, उपकरण आदि की नि:शुल्क सुविधा प्रदान की जाती है। खिलाड़ीगण इन सुविधाओं का समुचित उपयोग कर राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश व देश का नाम गौरवान्वित कर रहे है।

विभाग की उपर्युक्त प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुये वर्ष 2017-2018 में पॅूंजीगत पक्ष में रू0 13226.54 लाख एवं राजस्व पक्ष में रू0 9114.78 लाख का आय व्ययक प्रावधान है।

प्रदेश के राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक अर्जित करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत अन्तर्राष्ट्रीय स्तर-ओलम्पिक गेम्स, कामनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, एफ्रोएशियन गेम्स, विश्वकप तथा राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में पदक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गयी है, जिससे उदीयमान खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलता है।

प्रदेश के वृद्ध, अशक्त एवं विपदाग्रस्त भूतपूर्व प्रसिद्ध खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता दिये जाने की व्यवस्था है। अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार एवं खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित प्रदेश के खिलाड़ियों को अथवा खेल जगत में उपलब्धियों के दृष्टिगत पद्मश्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित खिलाड़ियों को रू0 20,000/- प्रतिमाह वित्तीय सहायता प्रदान किये जाने की व्‍यवस्था है।

प्रदेश में खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु क्रीड़ा संघों/क्लबों आदि को आर्थिक सहायता प्रदान किया जाता है तथा खेल संघों द्वारा सामान्य व दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए आयोजित किये जाने वाले प्रतियोगिताओं हेतु स्टेडियम को नि:शुल्क आरक्षण की सुविधा प्रदान की जाती है।

खेलों के विकास एवं उदीयमान खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने हेतु राज्य में निजी सहभागिता से खेल अकादमियों को विकसित किये जाने की नीति प्रख्यापित की गयी है, जिसके अन्तर्गत मान्यता प्राप्त खेलों में प्रत्येक खेल के लिए अधिकतम एक अकादमी विकसित करने हेतु भूमि उपलब्ध करायी जायेगी। खेल अकादमी के लिए सामान्यतया इण्डोर खेलों के लिए 01 से 02 एकड़ एवं आउटडोर खेल के लिए 03 से 05 एकड़ भूमि खेल संघ/अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के ऐसे खिलाड़ी जिन्होने ओलम्पिक, कामनवेल्‍थ गेम्स, एशियन, विश्वकप (प्रत्येक 04 वर्ष में एक बार आयोजित होने वाली प्रतियोगिता) में प्रतिभाग किया हो, को नि:शुल्क उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था है।

मुझे पूर्ण विश्वास है कि शासन के प्रोत्साहन व सबके सहयोग से प्रदेश में खेलों का विकास होगा तथा इन योजनाओं से प्रदेश के खिलाड़ी अधिक से अधिक लाभ उठाकर प्रदेश एवं राष्ट्र का नाम रोशन कर सकेगें।


मो0 इफ्तेखारूद्दीन

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अंतिम नवीनीकृत तिथि : बुधवार, Aug 16 2017 12:25PM
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