निष्कासन के नियम

छात्र द्वारा कॉलेज छोड़ने एवं निष्कासन के नियम

अभिभावक द्वारा छात्र/छात्रा को कालेज से हटाने हेतु आगामी सत्र प्रारम्भ होने से पूर्व 01 माह का नोटिस देना अनिवार्य है। इस प्रकार नोटिस दिये जाने की दशा में समस्त सिक्योरिटी जब्त की जा सकती है। इसके अतिरिक्त कालेज द्वारा छात्र/ छात्रा के शिक्षण एवं प्रशिक्षण पर किये गये समस्त व्यय की वसूली भी की जा सकती है। कालेज एवं छात्रों/छात्राओं के हित में प्रधानाचार्य किसी भी छात्र/छात्रा को निम्नलिखित कारणों से भी कालेज से निष्कासित कर सकते हैं। इस स्थिति में कालेज द्वारा छात्र पर किये गये पूर्ण व्यय की वसूली उसके अभिभावक से की जा सकती है। वे कारण निम्नवत हैं-

  1. यदि किसी छात्र/छात्रा ने कालेज के अनुशासन को नही माना है या छात्र/छात्रा का व्यवहार कालेज के स्टाफ सदस्यों एवं छात्र/छात्राआे के साथ अभद्र है जिसके कारण उसका कालेज में रहना अन्य छात्रों/छात्राओं के लिये अहितकर है तो अनुशासनहीनता के आधार पर छात्र/छात्रा को निष्कासित करने को पूर्ण अधिकार प्रधानाचार्य को होगा।
  2. यदि छात्र/छात्रा बिना अनुमति के कालेज से चला जाता है तो अभिभावक पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा और कालेज प्रशासन निष्कासन की कार्यवाही कर सकता है।
  3. खेल मूल्यांकन (बिन्दु संख्या-19) एवं शैक्षिक कक्षोन्नति (बिन्दु संख्या-20) में निर्धारित मापदंडों एवं स्तर तक नही पहुंचता है।
  4. उन सभी कारणो से जो कि उ0प्र0 शिक्षा संहिता में अंकित है।