शिक्षण एवं प्रशिक्षण व्यवस्था

कॉलेजवार विषय

गुरू गोबिन्द सिंह स्पोर्टस कॉलेज, लखनऊ - गुरू गोबिन्द सिंह स्पोर्टस कॉलेज, लखनऊ में कक्षा 6 से कक्षा 12 तक शिक्षा विभाग यू0पी0 बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार केवल मानविकी वर्ग (हिन्दी माध्यम) से निम्नलिखित विषयों में कक्षावार शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध है-

कक्षा 6 से 8 तककक्षा 9 व 10कक्षा 11 व 12
निर्धारित विषय

1. हिन्दी
2. अंग्रेजी
3. संस्कृत
4. गणित
5. विज्ञान
6. सामाजिक विशय
7. कला
8. बुक क्राफ्ट

निर्धारित विषय

1. हिन्दी
2. अंग्रेजी
3. संस्कृत
4. गणित
5. विज्ञान
6. सामाजिक विज्ञान
7. नैतिक, योग खेल एवं शारीरिक शिक्षा

अनिवार्य विषय

1. हिन्दी
2. खेल, योग एवं शारीरिक शिक्षा
वैकल्पिक विषय
1. अर्थशास्त्र
2. नागरिक शास्त्र
3. इतिहास
4. भूगोल
5. समाज शास्त्र
6. अंग्रेजी

बीर बहादुर सिंह स्पोर्टस कॉलेज,गोरखपुर- बीर बहादुर सिंह स्पोर्टस कॉलेज, गोरखपुर में कक्षा 6 से कक्षा 12 तक शिक्षा विभाग यू0पी0 बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार केवल मानविकी वर्ग (हिन्दी माध्यम) से निम्नलिखित विषयों में कक्षावार शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध है-

कक्षा 6 से 8 तककक्षा 9 व 10कक्षा 11 व 12
निर्धारित विषय

1. हिन्दी
2. अंग्रेजी
3. संस्कृत
4. गणित
5. विज्ञान
6. सामाजिक विशय
7. कला
8. बुक क्राफ्ट

निर्धारित विषय

1. हिन्दी
2. अंग्रेजी
3. संस्कृत
4. गणित/गृह विज्ञान
5. विज्ञान
6. सामाजिक विज्ञान
7. नैतिक, खेल, योग एवं शारीरिक शिक्षा

अनिवार्य विषय

1. हिन्दी
2. खेल, योग एवं शारीरिक शिक्षा
वैकल्पिक विषय
1. अर्थशास्त्र
2. नागरिक शास्त्र
3. भूगोल
4. समाज शास्त्र
5. अंग्रेजी

मेजर ध्यानचन्द स्पोर्टस कॉलेज, सैफई - शिक्षा सत्र 2014-2015 से उ0प्र0 शासन के आदेशों के अर्न्तगत मेजर ध्यानचन्द स्पोर्टस कॉलेज, सैफई जनपद इटावा में कक्षा 6 से कक्षा 12 तक केवल मानविकी वर्ग में हिन्दी माध्यम से निम्नलिखित विषयों में शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था है-

कक्षा 6 से 8 तककक्षा 9 व 10कक्षा 11 व 12
निर्धारित विषय

1. हिन्दी
2. अंग्रेजी
3. संस्कृत
4. गणित
5. विज्ञान
6. सामाजिक विषय
7. कला
8. बुक क्राफ्ट

निर्धारित विषय

1. हिन्दी
2. अंग्रेजी
3. संस्कृत
4. गणित/गृह विज्ञान
5. विज्ञान
6. सामाजिक विज्ञान
7. नैतिक, खेल, योग एवं शारीरिक शिक्षा

अनिवार्य विषय

1. हिन्दी
2. खेल, योग एवं शारीरिक शिक्षा
वैकल्पिक विषय
1. अर्थशास्त्र
2. नागरिक शास्त्र
3. भूगोल
4. समाज शास्त्र
5. अंग्रेजी

कॉलेज स्टाफ

स्पोर्टस कॉलेजों में खिलाड़ी छात्रों हेतु राष्ट्रीय खेलकूद संस्थान (एन0आई0एस0) से प्रशिक्षित एवं अनुभवी खेल अध्यापकों/सहायक खेल अध्यापकों द्वारा खेल प्रशिक्षण, कक्षा-6 से कक्षा-12 तक की शिक्षण व्यवस्था हेतु प्रशिक्षित एवं अनुभवी शिक्षा अध्यापकों/सहायक शिक्षा अध्यापकों तथा शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त शिक्षकों द्वारा शिक्षण प्रदान किया जाता है। छात्रों एवं छात्राओं की देखभाल के लिये कॉलेजों में चिकित्साधिकारी/वार्डेन की व्यवस्था है।

खेलकूद प्रशिक्षण व्यवस्था

  • गुरू गोबिन्द सिंह स्पोर्टस कॉलेज, लखनऊ - गुरू गोबिन्द सिंह स्पोर्टस कॉलेज, लखनऊ में केवल बालक वर्ग में खेल एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, वालीबॉल एवं बैडमिण्टन में राष्ट्रीय खेलकूद संस्थान (एन0आई0एस0) से प्रशिक्षित अनुभवी खेल अध्यापकों/सहायक खेल अध्यापकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
  • बीर बहादुर सिंह स्पोर्टस कॉलेज, गोरखपुर - बीर बहादुर सिंह स्पोर्टस कॉलेज, गोरखपुर में खेल कुश्ती, जिम्नास्टिक एवं वालीबॉल (बालक/बालिका वर्ग) तथा हॉकी (केवल बालिका वर्ग) में राष्ट्रीय खेलकूद संस्थान (एन0आई0एस0) से प्रशिक्षित अनुभवी सहायक खेल अध्यापकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
  • मेजय ध्यानचन्द स्पोर्टस कॉलेज, सैफई - मेजर ध्यानचन्द स्पोर्टस कॉलेज, सैफई में खेल एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, कुश्ती, कबड्डी एवं तैराकी ( केवल बालक वर्ग ), बैडमिण्टन (बालक/बालिका वर्ग) तथा जूडो (केवल बालिका वर्ग) कुल 09 खेलों में राष्ट्रीय खेलकूद संस्थान (एन0आई0एस0) से प्रशिक्षित सहायक खेल अध्यापकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

खेल मूल्यांकन

कॉलेज छात्र/छात्राओं का मूल्यांकन वर्ष में 03 बार आयोजित किया जायेगा। अभ्यर्थी के प्रथम मूल्यांकन स्तर में सतत सुधार आंकड़ों के आधार पर अपेक्षित होगा।

शैक्षिक कक्षोन्नति

सभी छात्रों को प्रतिवर्ष अपनी कक्षा में उत्तीर्ण होना आवश्यक है। यदि कोई छात्र/छात्रा कक्षा 6 से 11 के मध्य किसी भी कक्षा में अनुत्तीर्ण होता है तो सम्बन्धित खेल में राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने/पदक प्राप्त करने पर उसे आवेदन करने पर पुनः प्रवेश का एक अवसर प्रदान किया जायेगा।

प्रगति पत्र

छात्र/छात्रा के पूरे सत्र के कार्यकलापों एवं प्रगति के विषय में अभिभावक को प्रगति पत्र द्वारा सूचित किया जाता है। इन प्रगति पत्रों में छात्र/छात्रा की पढ़ाई एवं खेलकूद की रिपोर्ट होती है।

छात्र द्वारा कॉलेज छोड़ना अथवा निष्कासन

अभिभावक द्वारा छात्र/छात्रा को कॉलेज से हटाने हेतु आगामी सत्र प्रारम्भ होने से पूर्व 01 माह का नोटिस देना अनिवार्य है। इस प्रकार नोटिस दिये जाने की दशा में समस्त सिक्योरिटी जब्त की जा सकती है। इसके अतिरिक्त कॉलेज द्वारा छात्र/छात्रा के शिक्षण एवं प्रशिक्षण पर किये गये समस्त व्यय की वसूली भी की जा सकती है। कॉलेज एवं छात्रों/छात्राओं के हित में प्रधानाचार्य किसी भी छात्र/छात्रा को निम्नलिखित कारणों से भी कॉलेज से निष्कासित कर सकते है। इस स्थिति में कॉलेज द्वारा छात्र पर किये गये पूर्ण व्यय की वसूली उसके अभिभावक से की जा सकती है। वे कारण निम्नवत है-

  • यदि छात्र 05 वर्ष में अपने खेल की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग नही करते है तो उसके निष्कासन की कार्यवाही की जायेगी।
  • यदि किसी छात्र/छात्रा ने कॉलेज के अनुशासन को नही माना है या छात्र/छात्रा का व्यवहार कॉलेज के स्टाफ सदस्यों एवं छात्र/छात्राओं के साथ अभद्र है जिसके कारण उसका कॉलेज में रहना अन्य छात्रों/छात्राओं के लिये अहितकर है तो अनुशासनहीनता के आधार पर छात्र/छात्रा को निष्कासित करने का पूर्ण अधिकार प्रधानाचार्य को होगा।
  • यदि छात्र/छात्रा बिना अनुमति के कॉलेज से चला जाता है तो अभिभावक पूर्ण रुप से जिम्मेदार होगा और कॉलेज प्रशासन निष्कासन की कार्यवाही कर सकता है।
  • खेल मूल्यांकन एवं शैक्षिक कक्षोन्नति में निर्धारित मापदण्‍डों एवं स्तर तक नही पहुंचता है।
  • उन सभी कारणों से जो कि उ0प्र0 शिक्षा संहिता में अंकित है।

पुनः प्रवेश

किसी भी कक्षा में शिक्षा/खेल में अनुत्तीर्ण होने पर छात्र/छात्रा के निम्नलिखित दशाओं में ही पुनः प्रवेश का अवसर प्रदान किया जायेगा-

  • कक्षा- 6 में अनुत्तीर्ण छात्र/छात्रा को खेल मूल्यांकन समिति द्वारा उसके उदीयमान होने की सम्भावना व्यक्त करने पर ही पुनः प्रवेश का एक अवसर प्रदान किया जा सकता है।
  • कक्षा- 7 से 11 तक किसी भी कक्षा में अनुत्तीर्ण होने पर कॉलेज से निष्कासित कर दिया जायेगा। यदि किसी छात्र/छात्रा ने सम्बन्धित खेल की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया हो तो उसे उसी कक्षा में पुनः प्रवेश का एक अवसर प्रदान किया जायेगा।
  • वार्षिक खेल मूल्यांकन में छात्र/छात्रा के अनुत्तीर्ण होने पर यदि उसी वर्ष परीक्षा में 70 प्रतिशत अंक या इससे अधिक अंक प्राप्त किये हों एवं उसका अनुशासन उच्च कोटि का रहा हो तभी पुनः प्रवेश पर विचार किया जा सकता है।
  • छात्र/छात्रा को कक्षा 6 से 11 तक किसी भी कक्षा/खेल में अनुत्तीर्ण होने पर पूरे अध्ययनकाल में पुनः प्रवेश का एक ही अवसर प्रदान किया जायेगा।

कॉलेज में अवकाश

कॉलेज सत्र में अवकाश निम्नलिखित होंगे

  • 21 मई से 30 जून तक ग्रीष्मवकाश
  • उपसत्रावकाश/विशेष अवकाश

इन अवकाशों का निर्धारण प्रधानाचार्य द्वारा किया जायेगा। छात्र/छात्रा को मुख्य रूप से केवल ग्रीष्मवकाश एवं उपसत्रावकाश में ही घर जाने की अनुमति होगी। इस अवधि में छात्रों/छात्राओं के लिये शिक्षण एवं खेल हेतु शिविर भी आयोजित किये जा सकते है। कॉलेज द्वारा घोशित अवकाश के अतिरिक्त केवल विशेष परिस्थितियों में ही छात्र/छात्रा को अवकाश दिया जाता है। अवकाशोपरान्त छात्र/छात्रा को प्रथम दिन कॉलेज में आना अनिवार्य है। अपरिहार्य कारण जिसका स्पष्ट उल्लेख व अभिलेख हों, कि यदि लिखित सूचना नही आती है तो गैरहाजिर होने की दशा में निष्कासन की कार्यवाही की जायेगी।

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